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लविवि के तीन निष्कासित छात्रों का निष्कासन कैंसिल

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लखनऊ। फीस वसूली में गलत ढंग से पैसे जोड़कर वसूले जाने की शिकायत करने गए छात्रों और कुलपति के बीच हुए विवाद, गाड़ी के आगे लेट जाने, गाली गलौज करने और अफरा तफरी पैदा करके प्रोटोकॉल तोड़ने पर निष्कासित किए गए तीन छात्रों को सोमवार को लखनऊ विश्वविद्यालय कुलपति प्रोफेसर जेपी सैनी ने निष्कासन कैंसिल करने का आदेश चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर राकेश द्विवेदी को दिया है

। पिछले 57 दिनों से सरस्वती प्रतिमा पर चल रहे अनशन के बाद पिछले सप्ताह छात्र नेता हर्षित शुक्ला, प्रेम प्रकाश यादव, शशि प्रकाश उर्फ़ प्रिंस प्रकाश ने एक अगस्त से आमरण-अनशन की चेतावनी दी थी, यही नही धरने पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष से लेकरअयोध्या के सपा सांसद, कांग्रेस पार्टी के सांसद तनुज पुनिया से लेकर दर्जनों सांसद, विधायक, एमएलसी और समाजवादी पार्टी के विधायक और सांसद धरने पर आकर छात्रों को समर्थन दे चुके थे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा के बाद से उपजे हालात में सोमवार को अचानक कुलपति प्रोफेसर जेपी सैनी ने छात्रों प्रेम प्रकाश यादव, विशाल सिंह समेत अन्य को वार्ता के लिए दोपहर 1:00 बुलाया और वहीं से निष्कासन कैंसिल करने का हुक्म सुना दिया। माना जा रहा है कि 31 तारीख को होने वाले दीक्षांत समारोह में भी विश्वविद्यालय की फजीहत तय थी, चीफ गेस्ट से लेकर राज्यपाल के आने व अन्य मुख्य अतिथियों की वजह से लखनऊ विश्वविद्यालय की फजीहत होना तय मानी जा रही थी ऐसे में आनन-फानन में छात्रों का निष्कासन रद्द कर कुलपति ने एक अच्छा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय में सोमवार को पूरे दिन यही चर्चा रही कि लौट के बुद्धू घर को आए की कहावत लखनऊ विश्वविद्यालय में ही चरित्रार्थ हो सकती है। अब देखना यह है कि भ्रष्टाचार में डूबे हुए परीक्षा नियंत्रक विद्यानंद त्रिपाठी और एडमिशन हेड अनित्य गौरव का मोह लखनऊ विश्वविद्यालय कुलपति कब छोड़ते हैं।

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